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Showing posts from June, 2020

Mere Alfaaz

कभी कभी दिल चाहता है, की दिल अब कुछ भी ना चाहे ।।

Mere Alfaaz

कर्ज़ होता तो चूका देते, कम्ब्खत इश्क़ था चढ़ता ही गया ।।

Mere Alfaaz

मांगना ही छोड़ दिया, हमने वक़्त किसी से । क्या पता उनके पास, इंकार का भी वक़्त न हो ।।