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Showing posts from September, 2020

शायरी समझते हो तुम जिसे..

शायरी समझते हो तुम जिसे, किसी से अधूरी शिकायते है मेरी ।।

अब गिला क्या करना, उनकी बेरुखी का..

अब गिला क्या करना, उनकी बेरुखी का। दिल ही तो था, भर गया होगा ।।