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Mere Alfaaz

वक्त की रेत मे, कदमों के निशां मिलते है , 
जो चले जाते है, वो लोग कहाँ मिलते है ।।

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आज एक ख्वाब ने बड़ी नजाकत से पूछा मुझसे..

आज एक ख्वाब ने बड़ी नजाकत से पूछा मुझसे, पूरा करोगे या फिर टूट जाऊँ ।।

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था यकीन कि भूल जाओगे तुम,   ख़ुशी है कि उम्मीद पर खरे उतरे ।।

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बहुत करते थे मोहब्बत, मोहब्बत..! ख़ैर, अब तो बात भी नहीं करते ..!!